– अवैध कब्जों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की चेतावनी
यूथ इंडिया, आजमगढ़।
जनपद में राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने शनिवार को राजस्व विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में भूमि के गाटों के अभिलेखों के डिजिटलीकरण, ऑनलाइन प्रविष्टि, लंबित राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण तथा विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भूमि संबंधी विवादों का समयबद्ध समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आम नागरिकों को अपनी भूमि से जुड़े मामलों के लिए अनावश्यक रूप से तहसीलों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि धारा-34 के अंतर्गत लंबित वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। लंबे समय से लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि राजस्व न्याय प्रणाली पर लोगों का विश्वास मजबूत हो सके।
डीएम रविंद्र कुमार ने भूमि संबंधी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी समाधान किया जाए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्राम समाज, सार्वजनिक उपयोग एवं सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों की तत्काल जांच कर कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण और ऑनलाइन प्रविष्टि राजस्व विभाग में पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सभी अधिकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर इस कार्य को पूरा करें, जिससे भूमि रिकॉर्ड सुरक्षित रहें और आम नागरिकों को ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने विकास परियोजनाओं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि समय से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी औपचारिकताओं में अनावश्यक विलंब से विकास कार्य प्रभावित होते हैं, इसलिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
डीएम रविंद्र कुमार ने दोहराया कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक अधिकारी जनता की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करे और भूमि विवादों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।


