– कुर्की आदेश के बाद भी गिरफ्तारी नहीं
– एक बीजेपी विधायक का बताया जा रहा वरदहस्त
फर्रुखाबाद। एक लाख रुपये के इनामी गैंगस्टर योगेंद्र सिंह यादव उर्फ ‘चन्नू’ की गिरफ्तारी पुलिस के लिए अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित चन्नू पिछले एक वर्ष से अधिक समय से फरार है। न्यायालय द्वारा उसकी संपत्ति की कुर्की के आदेश जारी होने के बावजूद पुलिस उसे पकड़ने में अब तक सफल नहीं हो सकी है।
योगेंद्र सिंह यादव उर्फ चन्नू पर गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह चर्चित अखंड प्रताप सिंह हत्याकांड में भी मुख्य आरोपियों में शामिल बताया जाता है। इसके बावजूद उसकी लगातार गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी रही है कि कुख्यात अपराधी को अतीत में एक भाजपा विधायक का संरक्षण प्राप्त था। हालांकि, इस संबंध में संबंधित जनप्रतिनिधि की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और न ही किसी न्यायालय ने इस आरोप की पुष्टि की है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित है, न्यायालय कुर्की के आदेश दे चुका है और उसके खिलाफ कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, तब भी वह आखिर पुलिस की पकड़ से बाहर कैसे है? जनमानस में यह सवाल उठ रहा है कि “आखिर चन्नू को जमीन खा गई या आसमान निगल गया?”
लोगों का कहना है कि यदि पुलिस छोटे अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर सकती है, तो एक लाख के इनामी गैंगस्टर की गिरफ्तारी में लगातार हो रही देरी का कारण भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। अब निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर कब इस फरार अपराधी को कानून के कटघरे तक पहुंचाया जाएगा।


