फर्रुखाबाद। लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार के नेतृत्व में लगातार तीसरे दिन शहर के होटल, अस्पताल, नर्सिंग होम, रेस्टोरेंट, जिम और अन्य व्यावसायिक भवनों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अधिकांश प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, फायर एनओसी का अभाव और स्वीकृत भवन नक्शा न होने जैसी गंभीर कमियां सामने आईं। प्रशासन ने 25 प्रतिष्ठानों को दो दिन के भीतर सभी कमियां दूर करने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न करने पर सभी प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान आवास विकास तिराहे स्थित मनकामेश्वर होटल, हीरो एजेंसी, सूरज डायग्नोसिस, जायका रेस्टोरेंट, गायत्री हॉस्पिटल और सूर्या हॉस्पिटल समेत 18 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इनमें कई भवन बिना स्वीकृत नक्शे के संचालित मिले। मसेनी रोड स्थित एक जिम में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए, जिस पर उसे बंद करने के निर्देश देते हुए दो दिन की मोहलत दी गई। एक गेस्ट हाउस में न तो फायर सेफ्टी उपकरण मिले और न ही भवन का स्वीकृत नक्शा उपलब्ध कराया जा सका। एक नर्सिंग होम के बेसमेंट में अग्निशमन उपकरणों की क्षमता की जांच की गई, जबकि पास के एक अस्पताल और लोहिया अस्पताल के पीछे संचालित नर्सिंग होम में फायर विभाग की एनओसी, फायर अलार्म और पर्याप्त जल व्यवस्था तक नहीं मिली। अल्ट्रासाउंड व एमआरआई सेंटरों को भी सुरक्षा मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए। एक रेस्टोरेंट आवश्यक दस्तावेज नहीं दिखा सका, जबकि एक होटल के बेसमेंट में निजी कंपनी का कार्यालय संचालित मिला, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत थे लेकिन सुरक्षा व्यवस्था नदारद थी।
सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने स्पष्ट कहा कि सभी व्यावसायिक भवनों को दो दिन के भीतर फायर सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए भवन संबंधी सभी अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता अंकित यादव ने बताया कि तीसरे दिन 25 प्रतिष्ठानों को चिन्हित किया गया है। यदि तय समय में कमियां दूर नहीं की गईं तो सभी के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।


