41.3 C
Lucknow
Thursday, June 25, 2026

सरकारी योजनाओं पर सख्ती, पीएम मातृ वंदना योजना में लापरवाही पर पांच को नोटिस

Must read

– नए पोषाहार वितरण की शुरुआत

फर्रुखाबाद। नवाबगंज बाल विकास परियोजना कार्यालय ने सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में लापरवाही बरतने वाले पांच कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के संशोधित मानकों-2023 के तहत बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए नई रेसिपी वाले टेक होम राशन का वितरण भी गुरुवार से शुरू कर दिया गया।

बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) मीनाक्षी सिंह ने बताया कि अप्रैल 2026 से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के कार्यों में लापरवाही बरतने और प्रगति न होने पर पांच संबंधित कार्मिकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। नोटिस पाने वालों में ग्राम हुसैनपुर की गायत्री देवी, ग्राम कुतबुद्दीनपुर की कुसमा, ग्राम बिजौरी की किटिस कुमारी, ग्राम वीरपुर की कुसमा तथा ग्राम फतेहपुर परोली की रोशनी शामिल हैं।

सीडीपीओ ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि समय पर कार्यों में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

इसी के साथ नवाबगंज ब्लॉक के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के संशोधित मानकों के अनुरूप तैयार नई रेसिपी वाले पोषाहार का वितरण शुरू कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों, कुपोषित बच्चों तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए अलग-अलग पोषण सामग्री निर्धारित की गई है।

6 माह से 1 वर्ष तक के बच्चों को ‘शिशु अमृत’, 1 से 3 वर्ष तक के बच्चों को ‘शिशु आहार’, जबकि 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को ‘बाल पुष्टिकर’ के रूप में मीठा और नमकीन दोनों प्रकार का पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा। कुपोषित बच्चों के लिए ‘आरोग्य पोषण’, ‘बाल संजीवनी’ और ‘सक्षम पोषण’ जैसी विशेष पोषण सामग्री निर्धारित की गई है। वहीं गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को ‘संपूर्ण मातृ आहार’ के तहत मीठी बर्फी और पौष्टिक खिचड़ी उपलब्ध कराई जाएगी।

सीडीपीओ मीनाक्षी सिंह ने सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि पोषाहार का वितरण पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को बेहतर पोषण मिल सके तथा कुपोषण मुक्त समाज के लक्ष्य को साकार किया जा सके।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article