– युवाओं को नशे से बचाना सामूहिक जिम्मेदारी : डीएम
फर्रुखाबाद।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि युवाओं को नशीली दवाओं एवं नारकोटिक्स के दुष्प्रभावों से बचाना समाज और प्रशासन दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।
मंगलवार को जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में आयोजित जनपद स्तरीय एनसीओआरडी समिति की बैठक में नशीली दवाओं एवं मादक पदार्थों की रोकथाम, प्रवर्तन कार्यवाहियों की समीक्षा तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई। बैठक में पुलिस, आबकारी, शिक्षा, चिकित्सा, औषधि प्रशासन, कृषि, वन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नशीली दवाओं एवं मादक पदार्थों के अवैध प्रयोग, भंडारण और तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सभी विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करें। उन्होंने बताया कि 17 जून से 26 जून 2026 तक चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाए।
बैठक में मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिस, अभियोजन एवं आबकारी विभाग को निर्देशित किया गया कि अभियोगों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समाज कल्याण विभाग को युवाओं एवं संवेदनशील वर्गों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग को सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम, पोस्टर प्रतियोगिता, भाषण, वाद-विवाद, चित्रकला एवं नुक्कड़ नाटक जैसे आयोजनों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वहीं चिकित्सा एवं औषधि प्रशासन विभाग को मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण कर प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया।
जिलाधिकारी ने आबकारी विभाग को जनपद की सभी भांग की दुकानों की सघन जांच कर निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी और विभागीय समन्वय से ही नशामुक्त समाज का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।


