लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड की जांच के बीच हादसे से जुड़ी इमारत के सह-मालिक सुरेंद्र शुक्ला को लेकर कई पुराने मामले एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। जांच एजेंसियां जहां अग्निकांड के कारणों, भवन निर्माण और सुरक्षा मानकों की पड़ताल कर रही हैं, वहीं सुरेंद्र शुक्ला का नाम भी सुर्खियों में है।
जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र शुक्ला का नाम वर्षों पहले चर्चित पीएमटी पेपर लीक प्रकरण में सामने आया था। उस मामले में एसटीएफ ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि अपनी बेटी को परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए कथित साजिश रची गई थी। हालांकि बाद में न्यायालय में पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर उन्हें बरी कर दिया गया था।
अब अलीगंज अग्निकांड के बाद सुरेंद्र शुक्ला एक बार फिर चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि वह रामेश्वरम इंस्टीट्यूट से जुड़े हैं और जांच के दौरान संस्थान की बिल्डिंग में भी कई तकनीकी एवं सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आने की बात कही जा रही है। प्रशासनिक टीमें भवन से जुड़े दस्तावेजों, स्वीकृत मानचित्र, फायर सेफ्टी मानकों और अन्य आवश्यक अनुमतियों की जांच कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, अग्निकांड के बाद चल रहे व्यापक निरीक्षण अभियान में कई संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई है। इसी क्रम में रामेश्वरम इंस्टीट्यूट से संबंधित भवन की भी जांच की जा रही है।
उधर, पुलिस और प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
गौरतलब है कि अलीगंज अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में अवैध निर्माणों और फायर सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच के निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है और कई संस्थान जांच के दायरे में आ गए हैं।नोट: पीएमटी पेपर लीक मामले का उल्लेख करते समय यह अवश्य लिखा जाना चाहिए कि संबंधित मामले में सुरेंद्र शुक्ला को अदालत से बरी किया जा चुका था, ताकि समाचार तथ्यात्मक और कानूनी रूप से संतुलित रहे।


