फर्रुखाबाद। मानसून और संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी विभागों को समयबद्ध ढंग से बाढ़ संबंधी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राहत एवं बचाव कार्यों की सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने नाव, लाइफ जैकेट, राहत सामग्री, खाद्य पैकेट, तटबंध सुरक्षा सामग्री तथा अन्य आवश्यक उपकरणों का पर्याप्त भंडारण एवं नियमित सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रात्रिकालीन राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सर्च लाइट, नाव और अन्य तकनीकी उपकरण तैयार रखने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही जनपद स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने और प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों की स्थापना तथा आवश्यकता पड़ने पर अस्थायी बाढ़ शरणालयों को तत्काल संचालित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। शरणालयों में भोजन, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था एवं सुरक्षा के समुचित इंतजाम रखने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 30 जून तक बाढ़ राहत चौपालों का आयोजन पूरा कर लिया जाए, जिससे लोगों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों, एम्बुलेंस और चिकित्सकीय टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं लोक निर्माण विभाग को संभावित रूप से प्रभावित मार्गों की पहचान कर वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया।
डीएम ने स्पष्ट किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।


