फर्रुखाबाद। थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के ग्राम पचपुखरा स्थित मुरहास रोड पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन के करीब सात खंभे अचानक एक के बाद एक भरभराकर गिर पड़े। हादसे की चपेट में आकर दो कारें और एक मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि एक ई-रिक्शा भी बाल-बाल बच गया। गनीमत रही कि इस बड़ी दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना रविवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे की है। ग्राम पचपुखरा के मुरहास रोड पर स्थित मटर फैक्ट्री के निकट अचानक तेज आवाज के साथ बिजली के खंभे गिरने लगे, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। देखते ही देखते एक हुंडई वरना कार, एक हुंडई क्रेटा कार तथा एक मोटरसाइकिल खंभों की चपेट में आ गईं और क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं, सड़क से गुजर रहा एक ई-रिक्शा भी हादसे का शिकार होते-होते बच गया। ई-रिक्शा में सवार लोगों को मामूली चोटें आईं, लेकिन किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
इसी दौरान एक छात्रा अपने परिजनों के साथ मैनपुरी में आयोजित नीट (NEET) परीक्षा देने के लिए जा रही थी। दोपहर दो बजे से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए रवाना हुई छात्रा की कार के समीप ही बिजली का खंभा गिर गया। हालांकि, छात्रा और उसके परिजन सुरक्षित रहे। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए वैकल्पिक मार्ग से वाहन को निकालकर छात्रा को समय पर परीक्षा केंद्र के लिए रवाना कराया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खंभे गिरने के बाद करीब आधे घंटे तक 11 हजार वोल्ट की लाइन में करंट प्रवाहित होता रहा, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना मिलने के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया, जिसके बाद बिजली आपूर्ति बंद कराई गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विद्युत लाइन काफी पुरानी और जर्जर अवस्था में है। ग्रामीणों का आरोप है कि खंभों की गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं है तथा उनमें कमजोर सरिया का प्रयोग किया गया है। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय करीब दस वर्षीय एक बच्ची साइकिल चला रही थी, जो खंभों की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। वहीं, मौके पर खड़े एक ट्रैक्टर के सहारे एक खंभा रुक जाने से अन्य खंभे गांव की ओर गिरने से बच गए। ग्रामीणों का मानना है कि यदि सभी खंभे आबादी की तरफ गिर जाते, तो हादसा कहीं अधिक भयावह हो सकता था।
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में विद्युत विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए 11 हजार वोल्ट की लाइन को अंडरग्राउंड किए जाने की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक विद्युत विभाग अथवा प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। फिलहाल, मामले की जांच और क्षति के आकलन की कार्रवाई की जा रही है।


