झांसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बुंदेलखंड अब पिछड़ेपन की पहचान नहीं, बल्कि विकास के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है। डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे, मेडिकल कॉलेज, फार्मा पार्क और बढ़ते रोजगार के अवसरों ने क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। अब बुंदेलखंड का युवा पलायन नहीं कर रहा, बल्कि विकास की मुख्यधारा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है।
शनिवार को झांसी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब उत्तर प्रदेश का हर जिला, हर गांव और हर नगर आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर युवा को रोजगार, हर किसान के खेत तक पानी और हर गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र ने देश को नई दिशा दी है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से बाहर होने के बाद कुछ राजनीतिक दल जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना पर आधारित है, जबकि अन्य दल परिवारवाद की राजनीति करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है और माफिया तंत्र की कमर टूट चुकी है। उन्होंने दावा किया कि पहले जो तत्व प्रदेश में भय और अराजकता का वातावरण बनाते थे, आज उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई है।
उन्होंने विकसित भारत के लिए प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ‘पंच प्रण’ का भी उल्लेख किया और कहा कि गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत का सम्मान, सामाजिक एकता, राष्ट्रभक्ति और नागरिक कर्तव्यों का पालन ही विकसित भारत की मजबूत नींव है।
कार्यक्रम में विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह , सांसद अनुराग शर्मा , जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से विकसित भारत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।


