लखनऊ/मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में युवाओं को उनके घर के आसपास रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार ने एक नई डिजिटल पहल की शुरुआत की है। स्थानीय युवाओं, महिलाओं, कुशल श्रमिकों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को एक मंच पर जोड़ने के लिए ‘ब्लू डॉट्सएआई’ परियोजना का शुभारंभ किया गया है। प्रदेश का पहला संयुक्त सुविधा केंद्र मुजफ्फरनगर में स्थापित किया गया है।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने इस केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि अब युवाओं को अपने क्षेत्र में उपलब्ध नौकरियों की जानकारी स्थानीय भाषा में वॉयस कॉल के माध्यम से भी मिल सकेगी। मोबाइल मैप पर आसपास के रोजगार अवसर दिखाई देंगे और उद्योगों को भी स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित अभ्यर्थी आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को स्थानीय उद्योगों से जोड़ना है, जिससे रोजगार के लिए अनावश्यक पलायन कम हो और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का लक्ष्य मजबूत हो। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद में इस परियोजना के पायलट मॉडल को उल्लेखनीय सफलता मिली थी, जिसके बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तार देने का निर्णय लिया गया।
पायलट परियोजना के तहत गाजियाबाद में 16 हजार से अधिक रोजगार अवसरों और 15 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का सफल पंजीकरण हुआ। इस सफलता ने यह साबित किया कि डिजिटल माध्यम से स्थानीय रोजगार की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।
इस परियोजना का संचालन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से किया जा रहा है। इसमें विभिन्न तकनीकी एवं संस्थागत सहयोगी संस्थाएं भी जुड़ी हैं। प्लेटफॉर्म पर युवाओं, प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योगों, नियोक्ताओं और रोजगार कार्यालयों को एक साथ जोड़ा जाएगा।
सरकार की योजना के अनुसार प्रदेश के सभी 18 मंडलों में संयुक्त सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर जिला उद्योग केंद्र, श्रम विभाग, रोजगार कार्यालय, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, उच्च शिक्षण संस्थान, उद्योग संगठन और स्टार्टअप इकाइयां मिलकर कार्य करेंगी।


