नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा और तमिलनाडु में दलहन एवं तिलहन फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत इस खरीद को स्वीकृति प्रदान की। सरकार के इस फैसले से लाखों किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
सबसे बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश के किसानों को मिलने जा रहा है। जायद सीजन 2026 के लिए प्रदेश में 48,298 मीट्रिक टन मूंग, 97,970 मीट्रिक टन उड़द तथा 41,718 मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद को मंजूरी दी गई है। इन फसलों की खरीद का कुल एमएसपी मूल्य 1,490 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों को बाजार में फसल बेचने के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा।
केंद्र सरकार ने गुजरात के किसानों को भी बड़ी राहत देते हुए 18,250 मीट्रिक टन मूंग की खरीद को मंजूरी दी है। इस खरीद का कुल मूल्य 160 करोड़ रुपये से अधिक होगा। वहीं हरियाणा में ग्रीष्मकालीन सीजन 2026 के लिए 2,115 मीट्रिक टन मूंग की खरीद स्वीकृत की गई है, जिसकी अनुमानित लागत 18 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इससे दोनों राज्यों के दलहन उत्पादक किसानों को बाजार में बेहतर दाम मिलने का रास्ता साफ होगा।
तमिलनाडु के किसानों के लिए भी सरकार ने खरीद लक्ष्य बढ़ाने का निर्णय लिया है। रबी विपणन सत्र 2025-26 के लिए राज्य में मूंग खरीद की सीमा 885 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 990 मीट्रिक टन कर दी गई है। यानी अतिरिक्त 105 मीट्रिक टन मूंग की खरीद होगी। इस खरीद का कुल एमएसपी मूल्य लगभग 8.68 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। एमएसपी पर खरीद बढ़ाने से किसानों को फसल का उचित मूल्य मिलेगा और दलहन-तिलहन उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश में दलहन और तिलहन उत्पादन को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।


