बेंगलुरु: बेंगलुरु (Bengaluru) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कानून की रक्षा करने वाला अधिकारी ही कथित तौर पर संगठित लूट का मास्टरमाइंड निकला है। आरोप है कि CID के इंस्पेक्टर महेश कनकगिरी ने अपने साथियों के साथ मिलकर केरल के कुछ व्यापारियों को फर्जी कार्रवाई का डर दिखाकर 20 लाख रुपये लूट लिए। पूरी वारदात को अंजाम देने के बाद से इंस्पेक्टर फरार चल रहा है और उसकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं।
पुलिस के अनुसार, केरल के कुछ व्यापारी व्यापारिक कामकाज के सिलसिले में बड़ी नकदी लेकर बेंगलुरु के मडीवाला इलाके के एक निजी होटल में ठहरे हुए थे। इंस्पेक्टर महेश कनकगिरी को उनके पास मौजूद रकम की सटीक जानकारी मिल गई थी। इसके बाद उसने हैरिस, कुपेंद्र, शापी और शनि समेत चार लोगों के साथ मिलकर लूट की पूरी साजिश रची।
योजना के तहत होटल के बाहर एक आधिकारिक CID पुलिस जीप खड़ी की गई, जिसमें इंस्पेक्टर स्वयं मौजूद था। इसी दौरान उसके दो साथी होटल के कमरे में पहुंचे और व्यापारियों को CID अधिकारी का पहचान पत्र दिखाया। आरोपियों ने व्यापारियों पर अवैध कारोबार के लिए नकदी रखने का आरोप लगाते हुए उन्हें धमकाया और कथित जांच के नाम पर 20 लाख रुपये अपने कब्जे में ले लिए। इस पूरी वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी होटल के बाहर खड़ी सरकारी जीप में सवार होकर मौके से फरार हो गए।
शुरुआत में व्यापारी डर के कारण चुप रहे, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। इसके बाद उन्होंने मडीवाला पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। रातभर चले अभियान में आरोपी कुपेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि पूरी वारदात का कथित मास्टरमाइंड CID इंस्पेक्टर महेश कनकगिरी ही है।
कुपेंद्र की गिरफ्तारी के बाद महेश कनकगिरी और उसके तीन अन्य साथी फरार हो गए। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई CID जीप को जब्त कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। इस घटना ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


