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Monday, June 15, 2026

21 वर्ष पुराने हत्याकांड में क्राइम सीन रीक्रिएट कर जुटाए गए साक्ष्य

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– माफिया अनुपम दुबे और उसके भाइयों नें सगे चाचा चाची को गोलियों से भून उतारा था मौत के घाट
बेवर, फर्रुखाबाद । वर्ष 2005 में हुए चर्चित महिला हत्याकांड की जांच सुर्खियों में है।मैनपुरी न्यायालय के निर्देश पर लखनऊ से पहुंची मेडिकोलीगल टीम, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने 21 वर्ष पुराने इस मामले के घटनास्थल का पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रीक्रिएशन) कर साक्ष्य जुटाए। पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी कराई गई।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2005 में माफिया अनुपम दुबे और उसके भाइयों नें अपने सगे चाचा चाची की गोलियों से भून हत्या कर दी थी। इसके बाद मामले में न्यायिक प्रक्रिया लगातार चलती रही।
रविवार को न्यायालय के आदेश पर लखनऊ से मेडिकोलीगल विशेषज्ञों की टीम नवाबगंज पहुंची। टीम के साथ फॉरेंसिक विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच अधिकारियों ने उस स्थान का अध्ययन किया जहां महिला की हत्या होने की बात सामने आई थी और घटना के समय की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया।
जांच प्रक्रिया के दौरान मौके पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ की गई। टीम ने गोली चलने की संभावित दिशा, घटनास्थल की स्थिति और अन्य भौतिक साक्ष्यों का परीक्षण किया। पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई ताकि जांच के निष्कर्षों को न्यायालय के समक्ष साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
मौके पर थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह, महिला थाना प्रभारी किरण देवी, उपनिरीक्षक सुदामा सिंह, नवनीत गौतम भारती सहित पुलिस बल मौजूद रहा। वहीं मेडिकोलीगल टीम और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पूरे घटनाक्रम का अवलोकन किया।
अधिकारियों का कहना है कि पुनर्निर्माण की इस प्रक्रिया का उद्देश्य घटना से जुड़े तथ्यों की वैज्ञानिक जांच कर न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करना है। टीम द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट न्यायालय को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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