लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा के नवचयनित अधिकारियों को कर प्रशासन और राजस्व व्यवस्था की बारीकियों से परिचित कराने के लिए राजधानी लखनऊ में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। NASIN (नेशनल एकेडमी ऑफ कस्टम्स, इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड नारकोटिक्स) के जोनल कैंपस में आयोजित इस एक दिवसीय प्रशिक्षण में 48 पीसीएस प्रोबेशनर अधिकारियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य भावी प्रशासनिक अधिकारियों को कर प्रणाली, राजस्व संग्रहण और वित्तीय प्रशासन की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में अधिकारियों को सेवा कर, सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था और राजस्व प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
ट्रेनिंग सत्र में स्टांप एवं पंजीयन विभाग, राज्य कर विभाग तथा कोषागार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। विशेषज्ञों ने अधिकारियों को बताया कि राज्य की आर्थिक व्यवस्था में कर संग्रहण और वित्तीय अनुशासन की क्या भूमिका होती है तथा प्रशासनिक अधिकारियों की इसमें क्या जिम्मेदारियां होती हैं।
सहायक निदेशक एवं विषय विशेषज्ञों ने 48 पीसीएस अधिकारियों को विभिन्न कर कानूनों, राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं और विभागीय समन्वय के बारे में विस्तार से अवगत कराया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने कई व्यावहारिक प्रश्न भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।
उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ती आर्थिक गतिविधियों और डिजिटल टैक्स व्यवस्था के दौर में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शासन की मंशा है कि फील्ड में तैनाती से पहले अधिकारी राजस्व और वित्तीय प्रशासन की जटिलताओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।


