फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान को जनपद में गति देने के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने वाली इस महत्वाकांक्षी योजना की प्रगति का आकलन किया गया और लक्ष्य पूर्ति में लापरवाही बरतने वाले विभागों एवं बैंकों को कड़ी चेतावनी दी गई।
समीक्षा के दौरान योजनांतर्गत प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत ऋणों, वितरित ऋणों तथा विभिन्न स्तरों पर लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की मंशा युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। ऐसे में लक्ष्य पूर्ति में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी विभागीय जिला समन्वयकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक माह निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए और योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र युवाओं तक पहुंचाया जाए। साथ ही बैंक अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि निरस्त किए गए ऋण आवेदनों की दोबारा समीक्षा कर पात्र अभ्यर्थियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने बैंक शाखाओं में लंबित पड़े मामलों पर नाराजगी जताई। विशेष रूप से पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए।
इतना ही नहीं, जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन करने वाले बैंकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी खातों को बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंकों में स्थानांतरित करने की कार्रवाई पर भी विचार करने के निर्देश दिए। इस टिप्पणी के बाद बैंकिंग क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।
जिलाधिकारी ने कहा कि तकनीकी या प्रक्रियागत कारणों से कोई भी पात्र युवा योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार, युवाओं को मार्गदर्शन देने और ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी जोर दिया।


