लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी से एक्सप्रेस-वे विभाग की जिम्मेदारी वापस ले ली है। प्रदेश के सबसे अहम और बड़े बजट वाले विभागों में शामिल उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नियंत्रण में काम करेगा।
सचिवालय प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार यूपीडा को अवस्थापना विकास विभाग से संबद्ध कर दिया गया है, जो सीधे मुख्यमंत्री के अधीन आता है। इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की निगरानी, समीक्षा और निर्णय प्रक्रिया अब मुख्यमंत्री कार्यालय से संचालित होगी।
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को नंद गोपाल गुप्ता नंदी के प्रभाव क्षेत्र में बड़ी कटौती के रूप में देखा जा रहा है। यूपीडा राज्य की कई महत्वाकांक्षी एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं का संचालन करता है और इसे सरकार के सबसे प्रभावशाली संस्थानों में गिना जाता है। ऐसे में इस विभाग का मंत्री से हटकर सीधे मुख्यमंत्री के पास जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
जानकारी के अनुसार यह प्रशासनिक बदलाव 27 मई को ही कर दिया गया था, लेकिन इसका आधिकारिक आदेश अब सार्वजनिक हुआ है। फैसले के बाद स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि सरकार आगामी एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन को सीधे मुख्यमंत्री स्तर से नियंत्रित करना चाहती है।
प्रदेश की नौकरशाही और राजनीतिक हलकों में इस निर्णय को सरकार के भीतर शक्ति संतुलन में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी प्रमुख एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी जाएगी।


