नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 15 वर्ष 71 दिन के वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज तथा सितंबर में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में चुना गया है। इसके साथ ही वे भारतीय क्रिकेट टीम में चयनित होने वाले अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं।
वैभव ने 149 दिनों के अंतर से शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले शेफाली 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम के लिए चुनी गई थीं। पुरुष क्रिकेट में यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्हें 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में जगह मिली थी।
चयनकर्ताओं ने बड़ा फैसला लेते हुए श्रेयस अय्यर को भारत की नई टी-20 टीम का कप्तान नियुक्त किया है। वहीं सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाकर टीम से भी बाहर कर दिया गया है। तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है।
यदि वैभव को इंग्लैंड-आयरलैंड दौरे या एशियाई खेलों में एक भी मैच खेलने का मौका मिलता है, तो वे भारत के लिए पदार्पण करने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। वर्तमान रिकॉर्ड शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है।
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीती। उन्होंने मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर, सुपर स्ट्राइकर और सर्वाधिक छक्कों का पुरस्कार भी अपने नाम किया। सीजन के दौरान उन्होंने मात्र 36 गेंदों में शतक जड़कर नया रिकॉर्ड बनाया।
श्रेयस अय्यर ने भारत के लिए अपना आखिरी टी-20 मुकाबला दिसंबर 2023 में खेला था। लगभग ढाई साल बाद उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है। आईपीएल 2026 में उन्होंने 498 रन बनाए और शानदार नेतृत्व क्षमता दिखाई।
सूर्यकुमार यादव हाल के महीनों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके। टी-20 विश्व कप 2026 में उन्होंने 242 रन बनाए, जबकि आईपीएल 2026 में 13 पारियों में केवल 270 रन ही बना सके। इसी वजह से चयनकर्ताओं ने नई दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया।
अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए यशस्वी जायसवाल को चोटिल विराट कोहली के स्थान पर टीम में शामिल किया गया है। चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने बताया कि कोहली हैमस्ट्रिंग चोट के कारण सीरीज से बाहर रहेंगे।
वैभव सूर्यवंशी के चयन और श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपे जाने के साथ भारतीय क्रिकेट एक नए युग में प्रवेश करता दिखाई दे रहा है। युवा प्रतिभाओं पर बढ़ते भरोसे के बीच चयनकर्ताओं ने भविष्य की टीम तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।


