फर्रुखाबाद। बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने से नाराज उ.प्र. पावर कॉर्पोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप प्रदेश भर के आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कराने तथा उन्हें पुनः कार्य पर रखने की मांग की गई।
संघ के जिलाध्यक्ष रामकिशन के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन द्वारा पूर्व के आदेशों का हवाला देते हुए लगभग 25 हजार बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य से हटा दिया गया है। इससे विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी हो गई है और शेष कर्मचारियों पर कार्य का अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। संघ का आरोप है कि कर्मचारियों से नियमों के विपरीत कार्य कराया जा रहा है, जिसके चलते दुर्घटनाओं और मौतों की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि आउटसोर्स कर्मचारियों से लाइनमैन सहित तकनीकी एवं जोखिमपूर्ण कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। संगठन ने कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 18 हजार रुपये मासिक वेतन निर्धारित करने, कार्य के अनुरूप अनुबंध करने तथा विद्युत वितरण निगमों को नवगठित आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल करने की मांग उठाई।
संघ ने मुख्यमंत्री से हटाए गए अनुभवी आउटसोर्स कर्मचारियों को पुनः सेवा में लेने, दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु तक कार्य करने की अनुमति देने की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन प्राप्त कर उसे शासन तक भेजने का आश्वासन दिया।


