– बोले डीएम ईशान प्रताप सिंह यें हरकत नियम विरुद्ध
बाराबंकी। नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम के स्वागत समारोह को लेकर बाराबंकी में प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली है। सीएमओ पद का कार्यभार ग्रहण करने के दौरान हुए भव्य स्वागत और लाल कारपेट बिछाए जाने के वीडियो एवं तस्वीरें सामने आने के बाद जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने स्वयं संज्ञान लिया है।
सूत्रों के अनुसार कार्यभार ग्रहण करने के दौरान जिस प्रकार फूलों की वर्षा, लाल कारपेट और औपचारिक स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया, उसे प्रशासन ने लोकसेवक के लिए निर्धारित आचरण और सरकारी मर्यादाओं के अनुरूप नहीं माना है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है, जिसे पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले के प्रशासनिक गलियारों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अधिकारियों का मानना है कि सरकारी पदों पर नियुक्त अधिकारियों का स्वागत गरिमापूर्ण और नियमों के अनुरूप होना चाहिए। यदि सरकारी संसाधनों या पद की गरिमा से जुड़े किसी प्रकार के नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी जांच आवश्यक है।
उधर स्वास्थ्य विभाग में भी इस कार्रवाई के बाद हलचल तेज हो गई है। जांच समिति यह पता लगाएगी कि स्वागत कार्यक्रम किसके निर्देश पर आयोजित किया गया, उसमें किन लोगों की भूमिका रही और क्या किसी सरकारी व्यवस्था का उपयोग किया गया था।
डॉ. रंजन गौतम इससे पहले फर्रुखाबाद में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) के पद पर भी तैनात रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान विभिन्न मामलों को लेकर समय-समय पर आरोप और शिकायतें सामने आई थीं, हालांकि उन आरोपों पर क्या निष्कर्ष निकला, यह संबंधित जांच और अभिलेखों का विषय है।
बाराबंकी में कार्यभार ग्रहण करते ही विवादों में घिरे इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर तीन सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि स्वागत समारोह महज उत्साह का परिणाम था या फिर प्रशासनिक मर्यादाओं का उल्लंघन।
फिलहाल जिलाधिकारी की सख्ती ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि शासन की मंशा के विपरीत दिखने वाली किसी भी गतिविधि को हल्के में नहीं लिया जाएगा और जवाबदेही तय की जाएगी।


