फर्रुखाबाद l प्राचीन बढ़पुर देवी मंदिर गेट पर क्षेत्र के प्रमुख सामाजिक व राजनैतिक प्रतिनिधियों ने शंकराचार्य जी की भव्य अगवानी की। स्थानीय सभासद धर्मेंद्र कनौजिया, अध्यक्ष सचिन कटियार, आदित्य कटियार, अंकुर गुप्ता, विनीत कटियार, सुमित कटियार, अमित वर्मा, मोनू कटियार, अंकुर कटियार, सुमित गंगवार,शिवम श्रीवास्तव, हरवीर यादव, सौरभ गुप्ता, पवन मिश्रा विक्की पाठक और विक्की पुजारी ने पूर्ण श्रद्धा भाव के साथ जगद्गुरु शंकराचार्य को पुष्पों की विशाल माला भेंट की। इसके साथ ही, युवा नेताओं और पुजारियों ने मिलकर माँ शीतला देवी (माता रानी) का अत्यंत मनमोहक और दिव्य चित्र शंकराचार्य महाराज को स्मृति चिन्ह के रूप में ससम्मान भेंट कर उनका भव्य स्वागत व अभिनंदन किया।
इसके उपरांत, जगद्गुरु शंकराचार्य मंदिर के गर्भगृह में पधारे, जहां उन्होंने आदि शक्ति मां शीतला माता की कपूर और दीप प्रज्वलित कर भव्य आरती उतारी। मंत्रोच्चार के बीच हुए इस पूजन के बाद उन्होंने पूरे श्रद्धा भाव से माता रानी के दर्शन किए और देश में सुख, समृद्धि तथा गौ माता की रक्षा की कामना की। दर्शन के पश्चात शंकराचार्य ने पूरे मंदिर भवन की परिक्रमा की।
इसके बाद भाई पांडेश्वर नाथ मंदिर पहुंचे जहां पर शंकराचार्य जी ने सर्वप्रथम मंदिर परिसर में स्थापित नंदी महाराज की विधि-विधान से परिक्रमा की और तत्पश्चात भोले बाबा के गर्भगृह में जाकर दर्शन-पूजन किए। महादेव का आशीर्वाद लेने के बाद वे उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करने के लिए मंदिर के विशाल सत्संग भवन पहुंचे।
सत्संग भवन में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य ने गौ संरक्षण के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया और तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने अत्यंत आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि “हमारी पुरजोर मांग और दबाव के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए गाय को ‘राष्ट्र माता’ घोषित कर दिया है।
यदि महाराष्ट्र सरकार ऐसा प्रगतिशील और धार्मिक कदम उठा सकती है, तो उत्तर प्रदेश जैसी पावन भूमि, जिसे भगवान श्री कृष्ण और श्रीराम की लीला स्थली माना जाता है, वहां की सरकार इस निर्णय को लागू करने में संकोच क्यों कर रही है


