उन्नाव। ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं और सरकारी योजनाओं का संचालन करने वाले पंचायत सहायकों का धैर्य अब जवाब देता नजर आ रहा है। सोमवार को बड़ी संख्या में पंचायत सहायक सड़कों पर उतर आए और अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
पंचायत सहायकों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र 6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में परिवार का भरण-पोषण करने के लिए नाकाफी है। उन्होंने मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंचायत सहायक गांवों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से जुड़े ऑनलाइन कार्यों सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें न तो सम्मानजनक मानदेय मिल रहा है और न ही सेवा सुरक्षा।
ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने मानदेय वृद्धि के अलावा सेवा सुरक्षा, स्थायी नीति, भर्ती में आरक्षण और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी मांगें भी उठाई हैं। उनका कहना है कि वर्षों से इन मांगों को शासन के सामने रखा जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
पंचायत सहायकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 15 जून को प्रदेशभर के पंचायत सहायक लखनऊ पहुंचकर इको गार्डन में विशाल धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन की रणनीति भी बनाई जाएगी।


