कुवैत सिटी। खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। कुवैत की सेना ने पुष्टि की है कि देश की एयर डिफेंस प्रणाली ने “शत्रुतापूर्ण मिसाइल और ड्रोन खतरों” को इंटरसेप्ट करने की कार्रवाई की। कई इलाकों में एयर रेड सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।
कुवैती सेना के अनुसार, हवाई सुरक्षा प्रणाली देश के एयरस्पेस में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे लक्ष्यों को रोकने में जुटी रही। अधिकारियों ने कहा कि कई क्षेत्रों में सुनाई दिए विस्फोटों की आवाजें इंटरसेप्शन ऑपरेशन का परिणाम थीं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों पर सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार ये हमले ईरान द्वारा अमेरिकी ड्रोन गिराए जाने के जवाब में किए गए। इसके बाद ईरानी पक्ष ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया।
हालांकि कुवैत पर हुए ताजा हमलों की जिम्मेदारी तत्काल किसी संगठन या देश ने आधिकारिक रूप से नहीं ली है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में आशंका जताई जा रही है कि यह घटनाक्रम अमेरिका-ईरान टकराव की बढ़ती श्रृंखला से जुड़ा हो सकता है।
खाड़ी क्षेत्र पहले से ही सामरिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में कुवैत के एयरस्पेस में मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ा तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार मार्गों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।
फिलहाल कुवैत की सेना और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। सरकार ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर दुनिया भर की निगाहें टिकी हुई हैं।


