लापरवाही का आरोप लगाकर शव लेकर लौटे परिजन, पुलिस पर भी अनदेखी का आरोप
फर्रुखाबाद। शहर के कादरी गेट चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान प्रसूता की मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और चिकित्सकों व अस्पताल कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। काफी देर तक चले विवाद और गाली-गलौज के बाद परिजन महिला का शव लेकर अपने घर चले गए।
जानकारी के अनुसार थाना अलीगंज जनपद एटा के गांव मधुपुर खुर्द निवासी गुंजन पत्नी शिवम शर्मा का प्रसव करीब नौ दिन पूर्व आवास विकास तिराहा स्थित माया हॉस्पिटल में कराया गया था। प्रसव के बाद महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी और परिजन उसे घर ले गए थे। बताया गया कि शुक्रवार को अचानक गुंजन की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद घबराए परिजन उसे तत्काल फर्रुखाबाद शहर के कादरी गेट चौराहा स्थित वेदांता हॉस्पिटल लेकर पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि सुबह लगभग 6:30 बजे महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। मृतका के पति शिवम शर्मा ने आरोप लगाते हुए बताया कि भर्ती के बाद पूरे दिन अस्पताल कर्मचारियों ने किसी भी परिजन को गुंजन से मिलने नहीं दिया। उन्होंने बताया कि दोपहर लगभग 4:30 बजे तक परिवार के लोग लगातार महिला की हालत के बारे में जानकारी मांगते रहे, लेकिन अस्पताल की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
शिवम शर्मा का आरोप है कि शाम करीब 6:30 बजे अस्पताल कर्मियों ने अचानक बताया कि मरीज की हालत बेहद गंभीर है और उसे कहीं बाहर ले जाकर दिखा दें। परिजनों के मुताबिक जब महिला को वार्ड से बाहर लाया गया तो वह मृत अवस्था में थी। यह देखते ही परिवार में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर में चीख-पुकार शुरू हो गई।
महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। मृतका के पति ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने के लिए उन्होंने पुलिस को फोन किया, लेकिन काफी देर तक कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
हंगामे और विवाद के दौरान अस्पताल कर्मियों व परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज भी हुई। बाद में परिजन महिला का शव लेकर अपने घर चले गए। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं बनी रहीं। वहीं मामले को लेकर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
उपचार के दौरान प्रसूता की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा


