कन्नौज। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कानपुर से आई विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को सदर तहसील स्थित उप निबंधक कार्यालय में छापेमारी कर सब रजिस्ट्रार अश्वनी वर्मा को कथित रूप से रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार सदर तहसील में तैनात उप पंजीयक (सब रजिस्ट्रार) अश्वनी वर्मा पर जमीन के बैनामे के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे कार्रवाई को अंजाम दिया।
विजिलेंस के क्षेत्राधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छिपती निवासी प्रवीण कुमार को 14 डिसमिल जमीन का बैनामा कराना था। आरोप है कि इस कार्य के लिए सब रजिस्ट्रार अश्वनी वर्मा ने डेढ़ लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। बाद में 60 हजार रुपये में सौदा तय हुआ।
शुक्रवार को बैनामा प्रक्रिया के दौरान प्रवीण कुमार ने तय रकम सब रजिस्ट्रार के निजी कर्मचारी जितेंद्र कुशवाहा को दी। आरोप है कि जितेंद्र कुशवाहा ने वह रकम अश्वनी वर्मा को सौंप दी। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस टीम ने दोनों को दबोच लिया।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि रिश्वत की रकम सीधे लेने के बजाय निजी कर्मचारी के माध्यम से ली जाती थी। विजिलेंस टीम ने आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद सब रजिस्ट्रार अश्वनी वर्मा और निजी कर्मचारी जितेंद्र कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
विजिलेंस अधिकारियों ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। इसके बाद टीम दोनों को अपने साथ लेकर चली गई। मामले की आगे की जांच जारी है।


