– करोड़ों की संपत्ति पर बहू ने मांगा स्थगनादेश
– गंभीर आरोपों के साथ लेफ्पेड़ घोटाला की परतें खुलने की तैयारी
फर्रुखाबाद/शाहजहांपुर। शहर के चर्चित चिकित्सक परिवार से जुड़ा पारिवारिक विवाद अब अदालतों की चौखट तक पहुंच गया है। चिकित्सक डॉ. राकेश तिवारी की बहू इंदु तिवारी ने अपने ससुर, सास, पति और देवरों के विरुद्ध विभिन्न न्यायालयों में वाद दायर कर करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्तियों को लेकर बड़ा कानूनी विवाद खड़ा कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदु तिवारी, पुत्री डॉ. अशोक तिवारी एवं वर्तमान निवासी गांधी नगर, डाक बंगला रोड, पुवायां (शाहजहांपुर) ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन), फर्रुखाबाद की अदालत में मुकदमा दायर कर परिवार की बहुमूल्य संपत्तियों पर स्थगनादेश (स्टे ऑर्डर) की मांग की है। उनका कहना है कि उनके पति राहुल तिवारी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं और उन्हें आशंका है कि इस स्थिति का लाभ उठाकर ससुराल पक्ष पति के हिस्से की संपत्ति का विक्रय कर सकता है।
वाद में इंदु तिवारी ने अपने ससुर डॉ. राकेश तिवारी, सास श्रीमती रतन तिवारी, पति राहुल तिवारी, तथा देवर रोहित तिवारी सहित अन्य परिजनों को पक्षकार बनाया है।
मामला केवल संपत्ति विवाद तक सीमित नहीं है। इंदु तिवारी ने शाहजहांपुर स्थित प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय सहित अन्य न्यायालयों में भी विभिन्न वाद दायर किए हैं। इससे पहले वह दहेज उत्पीड़न और भोलेपुर स्थित ससुराल से निकाले जाने के आरोपों को लेकर भी कानूनी कार्रवाई कर चुकी हैं।
दूसरी ओर पारिवारिक विवाद का दूसरा पक्ष भी सामने आया था। इससे पूर्व डॉ. राकेश तिवारी की पत्नी की ओर से बहू इंदु तिवारी के विरुद्ध कोतवाली फतेहगढ़ में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस कारण दोनों पक्षों के बीच विवाद लंबे समय से न्यायालय और पुलिस तक पहुंच चुका है।
इंदु तिवारी ने अपने आरोपों को और गंभीर बनाते हुए दावा किया है कि उनके ससुर कथित रूप से एक धार्मिक ट्रस्ट के माध्यम से बड़े आर्थिक लेन-देन संचालित करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अतीत में एक बहुचर्चित वित्तीय घोटाले से जुड़े व्यक्तियों के साथ आर्थिक गतिविधियां हुई थीं। इंदु तिवारी का कहना है कि वह इन आरोपों से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य भविष्य में मीडिया तथा संबंधित सरकारी एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत करेंगी।


