नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्र शेखर के राजनीतिक जीवन, नेतृत्व क्षमता और वैचारिक विरासत पर राजधानी दिल्ली में एक विशेष पैनल डिस्कशन आयोजित किया जाएगा। “द लीडरशिप and लीगसी of श्री चंद्र शेखर ” विषय पर होने वाला यह कार्यक्रम 29 मई 2026 को प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय के सेंटर फॉर कंटेम्पररी स्टडीज द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली स्थित तीन मूर्ति हाउस के सेमिनार हॉल में दोपहर 3 बजे होगा। इस चर्चा में देश की राजनीति, लोकतंत्र और वैचारिक संघर्षों में चंद्रशेखर की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।
पैनल चर्चा में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश , वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक नीरजा चौधरी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगी। कार्यक्रम का संचालन प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय के संयुक्त निदेशक डॉ. रवि के. मिश्रा करेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चंद्रशेखर भारतीय राजनीति के उन नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने वैचारिक राजनीति, संघर्षशील नेतृत्व और जनसंवाद को हमेशा प्राथमिकता दी। उन्हें “यंग टर्क” राजनीति का बड़ा चेहरा माना जाता था। समाजवाद, किसान और आम आदमी के मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में लाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और बौद्धिक हलकों में विशेष रुचि देखी जा रही है। आयोजकों के मुताबिक यह चर्चा केवल एक पूर्व प्रधानमंत्री को याद करने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में उनकी विचारधारा और नेतृत्व शैली की प्रासंगिकता पर भी विमर्श किया जाएगा।


