फर्रुखाबाद। लोहाई रोड स्थित श्री राधा श्याम शक्ति मंदिर में रविवार शाम साहित्य, संस्कृति और काव्य रस का अनुपम संगम देखने को मिला, जब भव्य काव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्र प्रख्यात वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शिवोम अंबर ने की, जबकि युवा कवि वैभव सोमवंशी “सुभग” ने प्रभावशाली संचालन कर पूरे आयोजन को जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया गया। मां वाणी की सरस्वती वंदना सुप्रसिद्ध कवित्री डॉ. गरिमा पांडेय ने प्रस्तुत की, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय और साहित्यिक ऊर्जा से भर दिया।
काव्य समारोह में वरिष्ठ रचनाकार बृज किशोर सिंह “किशोर”, कृष्णकांत त्रिपाठी “अक्षर”, उपकार मणि “उपकार”, निमिष टंडन, उत्कर्ष अग्निहोत्री तथा प्रीति पवन तिवारी एडवोकेट सहित कई कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कवियों ने भक्ति, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत कविताओं का पाठ कर उपस्थित श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. शिवोम अंबर ने कहा कि कविता केवल शब्दों का संयोजन नहीं बल्कि समाज की आत्मा और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति होती है। उन्होंने साहित्यकारों और युवा कवियों से कविता को ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जीने का संदेश दिया। उनके उद्बोधन ने उपस्थित साहित्य प्रेमियों को गहराई से प्रभावित किया।
कार्यक्रम के संयोजक एवं आयोजक वरिष्ठ समाजसेवी सुरेंद्र कुमार सफ्फड़ ने सभी अतिथियों, कवियों और श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने और नई चेतना जगाने का सबसे सशक्त माध्यम है।
इस अवसर पर अनुराग सोमवंशी, विभोर सोमवंशी, महेश पाल सिंह उपकारी, अंजुम दुबे, सरल दुबे, अरुण जालान, अभिव्यंजना के समन्वयक भूपेंद्र प्रताप सिंह, सुरेंद्र पांडेय, योगेश मिश्रा, के.के. अग्रवाल, जितेंद्र अग्रवाल, दीपक, सुब्रत, सुयश, रजनी सोमवंशी, रुक मंगल सिंह, सत्यपाल, विनोद दुबे, आरती दुबे, अनुजा सोमवंशी समेत बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों ने सहभागिता की। देर रात तक चले इस काव्य समारोह ने नगर की साहित्यिक परंपरा को नई ऊर्जा देने का कार्य किया।


