लखनऊ: पड़ रही भीषड़ गर्मी में विद्युत आपूर्ति (power supply) में सबसे बड़ी समस्या ओवर लोडिंग है। जहॉ पर बार-बार ट्रांसफार्मर (transformers) क्षतिग्रस्त होने या विद्युत बाधित होने की समस्या हैं वहॉ कनेक्टेड लोड और सही लोड में बहुत अन्तर रहता है। जिसके कारण विद्युत उपकरण क्षतिग्रस्त होते हैं और आपूर्ति बाधित होती है। उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत मिले इसके लिये पावर कारपोरेशन ने ओवर लोडेड ट्रांसफार्मर पर साइन बोर्ड लगाकर उपभोक्ताओं को ओवर लोडिंग से अवगत कराने का निर्णय लिया है।
साइन बोर्ड में लिखा जायेगा कि इस ट्रांसफार्मर का कनेक्टेड लोड कितना है और सही में कितना बढ़ा लोड है। ऐसी स्थिति में चोरी की ज्यादा संभावना है। इससे स्थानीय उपभोक्ता से चोरी रोकने हेतु सहयोग मांगा जायेगा और उस क्षेत्र में चोरी रोकने हेतु जॉच करके लोड कम कराने का भी प्रयास किया जाएगा. अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) एवं उ0प्र0 पावर कारपोरेशन अध्यक्ष डॉ0 आशीष गोयल ने इस व्यवस्था को तत्काल कर्यान्वित करने के निर्देश दिये हैं।
आज प्रदेश की विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुये अध्यक्ष ने आंधी एवं तूफान के कारण प्रदेश में अनेक स्थानों पर आये विद्युत व्यवधानों को ठीककर आपूर्ति बहाल करने के लिये युद्धस्तर पर प्रयास के निर्देश दिये। उन्होंने कहा जहॉ भी आपूर्ति आंधी-तूफान के कारण प्रभावित है उसकी सूचना मीडिया एवं उपभोक्ताओं को भी तुरन्त दी जानी चाहिए।
अध्यक्ष डॉ0 आशीष गोयल ने कहाकि इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। प्रदेश में विद्युत मांग अत्यधिक बढ़ गयी है। विगत 24 मई को प्रदेश में 31824 मेगावाट की रिकार्ड मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की गयी। इसमें अभी आगे और बढ़ने की संभावना है। लोग गर्मी से बेहाल हैं। ऐसे मौसम में सुचारू विद्युत आपूर्ति का अत्यधिक महत्व है। इसलिये सभी क्षेत्रों को निर्धारित शिड्यूल के अनुरूप विद्युत आपूर्ति प्राप्त हो इसलिये सभी अधिकारी एवं कार्मिक अपनेे-अपने क्षेत्रों में विशेष रूप से सजगता बरतें। उपकेन्द्रों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पेट्रोलिंग की जाये। जिन क्षेत्रों में रात्रि में अचानक लोड में अत्यधिक बढ़ोत्तरी होने के कारण ट्रांसफार्मर या लाइनों पर लोड बढ़ता है। ऐसे स्थानों को चिन्हित कर जॉच अभियान चलाने के निर्देश दिये।
अध्यक्ष ने कहाकि लाइनों सब स्टेशनों एवं ट्रांसफार्मर की रेग्यूलर जॉच होती रहे। 1912 पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो। नये कनेक्शन के लिये झटपट पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का भी शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। अध्यक्ष ने कहाकि गर्मी और लू के मौसम में सामान्य शटडाउन न लिये जाये। कहीं भी ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने, तार गिरने तथा ट्रिपिंग जैसी समस्याओं का बिना विलम्ब निस्तारण सुनिश्चित किया जाये।
उन्होंने कहाकि कि अधिकारी अपने-अपने कार्य क्षेत्र में मौजूद रहें। अपना जनसम्पर्क अच्छा रखें। जन प्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों, उपभोक्ताओं तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं का वाट्सएप ग्रुप बनाइये जिसमें बिजली आपूर्ति सम्बन्धी आवश्यक सूचनायें सबको मिलती रहें। अधिक विद्युत व्यवधान वाले क्षेत्रों में विशेष सजगता बरती जाये। ऐसे संवेदनशील स्थानों पर वरिष्ठ अधिकारी स्वंय जाकर समस्याओं को समझें और उनका निराकरण करायें साथ ही संचार माध्यमों से उपभोक्ता को बतायें।
अध्यक्ष ने कहाकि विद्युत वितरण कार्यों से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपभोक्ताओं को विद्युत व्यवधान और आपूर्ति के बारे में सही जानकारी दें। उन्नाव में बदले गए ट्रांसफार्मर मैं तेल न होने के संदर्भ में सही तथ्य से अवगत न करने के आरोप में उन्नाव के अधीक्षण अभियंता को एडवर्टाइज एंट्री देने के निर्देश दिए गए
आज पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार की अध्यक्षता में बिलिंग एजेंसियों की समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के समस्त विद्युत उपभोक्ताओं को शासन की मंशा के अनुरूप 100 प्रतिशत शुद्ध मीटर रीडिंग आधारित बिल उपलब्ध कराए जाने पर विशेष बल दिया । निर्देशित किया गया कि उपभोक्ताओं को सही एवं पारदर्शी बिलिंग सुनिश्चित करना सभी संबंधित एजेंसियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा किसी भी प्रकार की त्रुटिपूर्ण बिलिंग स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी बिलिंग एजेंसियां अपने अनुबंध की शर्तों के अनुरूप संबंधित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में मानव संसाधन की तैनाती सुनिश्चित करें। जिन एजेंसियों द्वारा आवश्यक मानवबल उपलब्ध नहीं कराया गया है, उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बिलिंग कार्यों में लापरवाही एवं खराब प्रदर्शन के कारण मैर्सस टेरा सॉफ्ट को उनके संबंधित क्लस्टरों में खराब कार्य निष्पादन हेतु नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सभी मुख्य अभियंताओं (जोन) को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बिलिंग एजेंसियों के कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा नियमित रूप से करें तथा गुणवत्ता आधारित बिलिंग सुनिश्चित करने हेतु प्रभावी निगरानी रखें। इसके अतिरिक्त, जिन क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण बिलिंग एवं बेहतर कार्य निष्पादन हो रहा है, उन “सक्सेस स्टोरी” क्षेत्रों के अनुभवों एवं कार्यप्रणाली को अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि प्रदेशभर में उपभोक्ताओं को बेहतर एवं विश्वसनीय बिलिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।


