फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ . अंकुर लाठर ने शनिवार को श्रृंगी ऋषि की तपोस्थली श्रंगीरामपुर पहुंचकर आगामी गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर आयोजित होने वाले मेले एवं स्नान व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि जनपद सहित दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित संख्या, भीड़ प्रबंधन और संभावित समस्याओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि मेला सकुशल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।डीएम ने निर्देश दिए कि मेले के दौरान संचालित होने वाली सभी नावों, नाविकों और गोताखोरों के नाम एवं मोबाइल नंबरों की सूची तैयार कर संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित संपर्क और राहत कार्य सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है। साथ ही मेला क्षेत्र में खोया-पाया केंद्र स्थापित करने और श्रद्धालुओं तक सूचनाएं पहुंचाने के लिए समुचित पीए सिस्टम लगाने के निर्देश भी दिए गए।श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पानी के टैंकर लगाए जाने, मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था कराने तथा घाट तक पहुंच मार्ग को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा घाटों पर बैरिकेडिंग कराने और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि गंगा दशहरा पर्व आस्था का बड़ा केंद्र है और प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सदर गजराज सिंह, क्षेत्राधिकारी अमृतपुर ऐश्वर्या उपाध्याय, जिला पंचायत राज अधिकारी कपिल कुमार, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।


