नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने चंबल सेंक्चुअरी क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अवैध खनन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा निर्देश जारी किया है। अदालत ने कहा है कि बिना रजिस्ट्रेशन और नंबर प्लेट वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही अवैध खनन में पकड़े गए वाहनों को केवल जुर्माना भरकर छोड़ने की व्यवस्था पर भी सख्ती दिखाई गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि चंबल सेंक्चुअरी जैसे संवेदनशील पर्यावरणीय क्षेत्र में अवैध खनन से वन्यजीव, नदी तंत्र और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। अदालत ने राज्य सरकारों और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना वैध दस्तावेज और नंबर प्लेट वाले वाहन कानून व्यवस्था और पर्यावरण सुरक्षा दोनों के लिए खतरा हैं। ऐसे वाहनों को ईंधन उपलब्ध कराने पर रोक लगाने से अवैध खनन नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। कोर्ट ने संबंधित राज्यों के प्रशासन से निगरानी बढ़ाने, चेकिंग अभियान तेज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा है।
गौरतलब है कि चंबल सेंक्चुअरी क्षेत्र उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के हिस्सों में फैला हुआ है, जहां लंबे समय से रेत और खनिजों के अवैध खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद खनन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।


