– कानपुर जोन में यादगार रहा 2018 से अब तक का सिंह का कार्यकाल
– सरकार के जीरोटोलरेंस प्रोग्राम को बनाया सफल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। सबसे चर्चित बदलाव कानपुर जोन में हुआ है, जहां लंबे समय से तैनात एडीजी आलोक सिंह को हटाकर पीएसी मुख्यालय लखनऊ भेज दिया गया है। उनकी जगह आगरा जोन की एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ को कानपुर जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कानपुर जोन जैसे संवेदनशील और राजनीतिक रूप से अहम क्षेत्र में यह बदलाव कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शासन स्तर पर इसे कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। आलोक सिंह के डीजे बनने के बाद गुरुवार को राज्य सरकार द्वारा किए गए तब बादलों के क्रम में 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी जय नारायण सिंह को यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, लखनऊ से हटाकर डीजी ईओडब्ल्यू, उत्तर प्रदेश लखनऊ बनाया गया है।
ध्रुव कांत ठाकुर को डीजी नागरिक सुरक्षा और विशेष सुरक्षा बल के अतिरिक्त प्रभार से हटाकर डीजी होमगार्ड्स, उत्तर प्रदेश लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही उनके पास नागरिक सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।
विनोद कुमार सिंह, जो अब तक डीजी सीबीसीआईडी के साथ साइबर क्राइम का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे, उन्हें अब डीजी सीबीसीआईडी के साथ-साथ साइबर क्राइम और यूपी-112 का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
कानपुर जोन के एडीजी आलोक सिंह को हटाकर डीजी पीएसी मुख्यालय लखनऊ भेजा गया है। साथ ही उन्हें विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। आगरा जोन की एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ को अब कानपुर जोन का नया एडीजी बनाया गया है। ए सतीश गणेश, जो अब तक यातायात एवं सड़क सुरक्षा निदेशालय में तैनात थे, उन्हें एडीजी अपराध का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
डॉ आरके स्वर्णकार को पीएसी मुख्यालय से हटाकर यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, लखनऊ में अपर पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। एसके भगत को एडीजी अपराध से हटाकर आगरा जोन का एडीजी बनाया गया है।आईपीएस गीता सिंह को पुलिस महानिरीक्षक अभियोजन से हटाकर आईजी प्रशिक्षण निदेशालय, उत्तर प्रदेश लखनऊ भेजा गया है।
पुलिस महकमे में सबसे ज्यादा चर्चा कानपुर जोन में हुए बदलाव को लेकर है। आलोक सिंह लंबे समय से यहां तैनात थे और कई बड़े आपराधिक मामलों, माफिया कार्रवाई तथा कानून-व्यवस्था अभियानों के कारण लगातार सुर्खियों में रहे। अब अनुपम कुलश्रेष्ठ के आने से पुलिसिंग के नए तरीके और प्रशासनिक सख्ती की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए इन तबादलों को बेहद अहम माना जा रहा है।


