लखनऊ
प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच ट्रेनों का सफर यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनता जा रहा है। तेज तपन और लगातार बढ़ते तापमान के बीच रेलवे की तकनीकी खामियां यात्रियों पर भारी पड़ रही हैं। कई ट्रेनों में एसी कूलिंग सिस्टम ठप होने से यात्रियों को गर्मी, घुटन और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ताजा मामला छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस और राप्तीसागर एक्सप्रेस का है, जहां एसी खराब होने और अत्यधिक गर्मी के कारण कई यात्रियों की हालत बिगड़ गई। यात्रियों को उल्टी, दस्त और दम घुटने जैसी शिकायतें होने लगीं, जिसके बाद रेलवे प्रशासन को आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध करानी पड़ी।
गाड़ी संख्या 15053 छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के सेकंड एसी कोच ए-1 में सफर कर रहे यात्रियों ने बताया कि यात्रा के दौरान अचानक एसी यूनिट ने काम करना बंद कर दिया। बाहर का तापमान पहले से ही बेहद अधिक था और कोच के भीतर वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण कुछ ही देर में पूरा डिब्बा गर्म भट्ठी जैसा हो गया। यात्रियों के अनुसार बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी तथा कई लोगों को चक्कर और उल्टियां आने लगीं। यात्री विनायक द्विवेदी और ज्ञानेश्वर पांडेय ने सोशल मीडिया पर रेलवे प्रशासन को टैग करते हुए तत्काल मदद की मांग की। उन्होंने लिखा कि कोच के भीतर स्थिति बेहद खराब है और कई यात्री घुटन महसूस कर रहे हैं। शिकायत के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया और अगले बड़े स्टेशन पर तकनीकी टीम भेजी गई।
इसी तरह गाड़ी संख्या 12521 राप्तीसागर एक्सप्रेस में भी गर्मी के कारण यात्रियों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया। ट्रेन में सफर कर रहे दो यात्रियों को अचानक डायरिया और उल्टी की शिकायत शुरू हो गई। ट्रेन के कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने ऐशबाग स्टेशन पर मेडिकल टीम को अलर्ट कर दिया। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पहुंची, ऐशबाग पॉलीक्लीनिक के अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय तिवारी अपनी पैरामेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कोच के भीतर ही यात्रियों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों ने मरीजों को ओआरएस, जरूरी दवाएं और जीवन रक्षक इंजेक्शन दिए, जिसके बाद उनकी हालत में सुधार हुआ। समय रहते चिकित्सा सहायता मिलने से स्थिति गंभीर होने से बच गई।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने रेलवे की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि भीषण गर्मी के मौसम में ट्रेनों के एसी सिस्टम और वेंटिलेशन की नियमित जांच बेहद जरूरी है, ताकि यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। विशेषज्ञों का मानना है कि 45 से 48 डिग्री तक पहुंच चुके तापमान में एसी कोचों की खराबी यात्रियों की जान के लिए खतरा बन सकती है। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को सफर के दौरान पर्याप्त पानी पीने, हल्का भोजन करने और ओआरएस साथ रखने की सलाह दे रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने भी दावा किया है कि गर्मी को देखते हुए ट्रेनों की निगरानी बढ़ाई जा रही है और तकनीकी खामियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।


