नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) के अशोक नगर थाना (Ashok Nagar police station) परिसर में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि थाना में मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिशें की गईं, लेकिन लपटें तेजी से फैलती चली गईं। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, घटना के समय थाना परिसर में अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई थी।
इस बीच विधायक कुलदीप कुमार (Kuldeep Kumar) ने घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर साझा करते हुए दमकल विभाग की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना के पास ही फायर स्टेशन मौजूद होने के बावजूद करीब एक घंटे तक दमकल की गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंचीं। विधायक के मुताबिक, आग लगने के काफी समय बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, जिससे स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 1 बजकर 6 मिनट पर दिल्ली फायर सर्विस को न्यू अशोक नगर पुलिस स्टेशन के मालखाने में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और मौके पर शुरुआती तौर पर तीन वॉटर टेंडर (WT) और एक वॉटर बाउजर (WB) भेजे गए। आग लगने के बाद थाना परिसर में मौजूद कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। बाद में दमकल की अतिरिक्त गाड़ियों को भी मौके पर बुलाया गया।
हालात गंभीर होते देख फायर सर्विस ने इसे ‘मेक-4’ घोषित कर दिया। इसके बाद मौके पर दमकल की अतिरिक्त गाड़ियां तेजी से रवाना की गईं। जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1 बजकर 28 मिनट पर आग को गंभीर श्रेणी में रखते हुए ‘मेक-4’ घोषित किया गया, जिसके बाद रेस्क्यू और कूलिंग ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया। कुल मिलाकर मौके पर चार वॉटर टेंडर, तीन वॉटर बाउजर और एक अन्य फायर यूनिट तैनात की गई। आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों की कई टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
अशोक नगर थाना परिसर में मालखाने में लगी भीषण आग पर काबू पा लिया गया है। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग को कई घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी। आग बुझाने के दौरान फायर विभाग ने अतिरिक्त संसाधनों की मांग की और मौके पर दो और वॉटर बाउजर भेजे गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लगातार कूलिंग ऑपरेशन चलाया गया ताकि आग दोबारा भड़क न सके। आखिरकार दोपहर करीब 1 बजकर 50 मिनट पर आग को “अंडर कंट्रोल” घोषित किया गया। हालांकि इसके बाद भी मालखाने के अंदर लंबे समय तक कूलिंग ऑपरेशन जारी रहा ताकि किसी भी तरह की बची हुई गर्मी या चिंगारी से दोबारा आग न लग सके। इसके बाद दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर फायर विभाग की ओर से “स्टॉप” मैसेज जारी किया गया, जिसके साथ ऑपरेशन आधिकारिक रूप से समाप्त हुआ।
आग को लेकर फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। आग लगने की वजह अभी तक सामने नहीं आई है और यह भी पता नहीं चल सका है कि मालखाने में रखे रिकॉर्ड, जब्त सामान या अन्य दस्तावेजों को कितना नुकसान पहुंचा है। पुलिस और फायर विभाग की टीमें संयुक्त रूप से मामले की जांच में जुटी हुई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, आग से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
इस बीच स्थानीय विधायक कुलदीप कुमार ने सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो साझा करते हुए प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि थाना के पास ही फायर स्टेशन मौजूद होने के बावजूद दमकल की गाड़ियां काफी देर से मौके पर पहुंचीं। विधायक ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, “पिछले 1 घंटे से थाना न्यू अशोक नगर में आग लगी हुई है। लेकिन, 1 घंटे बाद जब पूरा मालखाना जलकर खाक हो गया है, तब फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची हैं।” उन्होंने आगे लिखा, “थाना के बिल्कुल बगल में फायर स्टेशन है! क्या हाल कर दिया है दिल्ली के फायर विभाग का बीजेपी ने!”


