बदायूं: योगी सरकार बहन-बेटियों (sisters-daughters) की सुरक्षा के लाख दावे करती है, लेकिन दावे केवल बयानों तक ही सीमित है, जिसका खामियाजा प्रदेश की बहन-बेटियां आए दिन उठा रही हैं। बावजूद सरकार सिर्फ दावे करने में ही मस्त है। हकीकत में स्थिति तो भयावह नजर आती है, जिसका जीता-जागता उदाहरण बदायूं (Badaun) से सामने आया है। जहां एक पिता को बेटियों की छेड़खानी करने का विरोध करना महंगा पड़ गया, जिसकी कीमत उन्हें जान देकर चुकानी पड़ी। ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि योगी सरकार में कानून का राज है या सिर्फ गुंडाराज?
बता दें कि पूरा मामला सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की है। 9 मई को पिता अपनी बेटियों के साथ छत पर खाना खा रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला एक युवक छत पर पहुंचा और छेड़खानी करने लगा। वहीं जब लड़कियों के पिता ने विरोध किया तो उसने अपने दोस्तों को बुलाकर लाठी-डंडे से जमकर पिटाई करवा दी। इतना ही पीटने के बाद छत से नीचे फेंक दिया. घटना में उन्हें गंभीर चोटें आई।
वहीं घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। इस दौरान सभी आरोपी मौके से फरार हो गए, लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।


