फर्रुखाबाद। जिले में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं के बीच अभी भी भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बिजली विभाग भले ही स्मार्ट मीटर व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बता रहा हो, लेकिन आम उपभोक्ता अभी इस नई प्रणाली को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं दिखाई दे रहे हैं। खासकर बिलिंग व्यवस्था को लेकर लोगों के मन में लगातार सवाल उठ रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ती जा रही है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग की ओर से अलग-अलग प्रकार की जानकारी दी जा रही है। कुछ लोगों को बताया गया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली का बिल सीधे मोबाइल फोन पर भेजा जाएगा और भुगतान भी ऑनलाइन करना होगा, जबकि कई स्थानों पर अब भी मीटर रीडर के माध्यम से मैन्युअल बिल दिए जाने की बात कही जा रही है। इसी विरोधाभासी जानकारी के चलते लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों और बुजुर्ग उपभोक्ताओं ने इस व्यवस्था को लेकर अधिक चिंता जताई है। उनका कहना है कि सभी लोग स्मार्ट फोन और ऑनलाइन भुगतान प्रणाली का उपयोग नहीं कर पाते। ऐसे में यदि पूरी व्यवस्था मोबाइल आधारित कर दी गई तो बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लोगों ने यह भी आशंका जताई कि नेटवर्क समस्या या तकनीकी खराबी के कारण समय पर बिल न मिलने पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ पड़ सकता है।
स्मार्ट मीटरों की रीडिंग को लेकर भी कई उपभोक्ताओं ने सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि नए मीटर पहले की तुलना में अधिक तेजी से यूनिट दिखा रहे हैं, जिससे बिजली बिल बढ़कर आ रहे हैं। हालांकि बिजली विभाग लगातार यह दावा कर रहा है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह पारदर्शी और तकनीकी रूप से सटीक हैं तथा इनमें किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना नहीं है।
इस दौरान कई उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने डिजिटल मीटर लगाए जाने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि पुरानी व्यवस्था अधिक सरल और समझने योग्य थी, जबकि नई प्रणाली आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। उपभोक्ताओं ने विभाग से मांग की कि स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और बिलिंग व्यवस्था को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोगों की शंकाएं दूर हो सकें।


