डॉलर की मजबूती और रुपये की गिरावट को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
लखनऊ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव खत्म होते ही सरकार को संकट याद आ गया, जबकि असली संकट खुद भाजपा है।मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने देश की आर्थिक स्थिति, गिरते रुपये और बढ़ते डॉलर को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “5 ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था कैसे बनेगी? डॉलर आसमान छू रहा है और रुपया पातालोन्मुखी होता जा रहा है।”
सपा प्रमुख ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सारी पाबंदियां केवल आम जनता के लिए ही क्यों हैं? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आम आदमी तो डेढ़ लाख तोले का सोना खरीदने की स्थिति में भी नहीं है, लेकिन सरकार ऐसे बयान और अपीलें देकर जनता के बीच घबराहट और बेचैनी का माहौल पैदा कर रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि देश में महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सरकार वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। उनका आरोप था कि भाजपा चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही जनता को आर्थिक संकट और महंगाई के भरोसे छोड़ दिया जाता है।
सपा प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है। विपक्ष अब इसे केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों से जोड़कर राजनीतिक हमला तेज कर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक अस्थिरता को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है। वहीं भाजपा लगातार यह दावा कर रही है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद सरकार स्थिति संभालने में सक्षम है।
अखिलेश यादव के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में आर्थिक मुद्दों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में महंगाई और रुपये की गिरावट विपक्ष के प्रमुख चुनावी हथियार बन सकते हैं।


