पहली कैबिनेट फाइल पर किए हस्ताक्षर, बोले- “मैं किसी शाही परिवार से नहीं, जनता ने मुझे यहां तक पहुंचाया”
चेन्नई। तमिलनाडु की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री Joseph Vijay एक्शन मोड में दिखाई दिए। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद विजय ने जनता से किए चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में बड़े फैसले लेते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने वाली पहली फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए। इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्पेशल महिला सुरक्षा फोर्स के गठन को भी मंजूरी दे दी गई। विजय सरकार के इन शुरुआती फैसलों ने तमिलनाडु की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले संबोधन में विजय ने भावुक अंदाज में कहा कि वह किसी शाही परिवार या राजनीतिक वंश से नहीं आते, बल्कि एक सामान्य परिवार से उठकर जनता के भरोसे यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता ने उन्हें अपनाया, स्वीकार किया और सेवा का मौका दिया है। विजय ने दावा किया कि उनकी सरकार आम लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरने के लिए पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करेगी।
200 यूनिट मुफ्त बिजली का फैसला तमिलनाडु के मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को बड़ी राहत देने वाला माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने महंगाई और बढ़ते बिजली बिल को बड़ा मुद्दा बनाया था। अब सत्ता में आते ही इस फैसले को लागू कर उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी सरकार चुनावी वादों को लेकर गंभीर है।
वहीं महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष फोर्स के गठन को लेकर भी सरकार ने बड़ा संदेश दिया है। तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और सुरक्षा के मुद्दों को देखते हुए यह फैसला राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस स्पेशल फोर्स में प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय अपनी सरकार की शुरुआत “जनता के मुख्यमंत्री” की छवि के साथ करना चाहते हैं। फिल्मों में सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहने वाले विजय अब राजनीतिक मंच पर भी उसी शैली में फैसले लेते दिखाई दे रहे हैं। उनके शुरुआती फैसलों को युवाओं, महिलाओं और मध्यम वर्ग को साधने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के बाद अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि विजय अपने चुनावी वादों को किस गति से जमीन पर उतारते हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद लिए गए इन फैसलों ने यह साफ संकेत दे दिया है कि विजय सरकार शुरुआत से ही आक्रामक और जनहितकारी छवि बनाने में जुट गई है।


