– थाना अध्यक्ष गंभीर घायल, सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर
– आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण हिरासत में
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अमृतपुर/फर्रुखाबाद। थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम चाचूपुर में युवक बृजेश पुत्र बालकराम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने शनिवार को पूरे इलाके का माहौल विस्फोटक बना दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने पहुंची पुलिस टीम पर अचानक आक्रोशित ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। देखते ही देखते गांव में अफरा-तफरी और हिंसा का माहौल बन गया। पुलिस पर जमकर पथराव हुआ, जिसमें थाना अध्यक्ष नागेंद्र सिंह समेत कई पुलिसकर्मी और कवरेज को गए पत्रकार घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल थाना अध्यक्ष को बाद में सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा।
घटना के बाद पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। पुलिस और पीएसी की भारी फोर्स गांव में तैनात कर दी गई है। देर रात तक गांव में कांबिंग अभियान चलता रहा और संदिग्ध लोगों की तलाश में दबिश दी जाती रही।
जानकारी के अनुसार युवक बृजेश की मौत को लेकर परिजन और ग्रामीण शुरू से ही सवाल उठा रहे थे। ग्रामीणों का आरोप था कि मौत सामान्य नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी बीच पुलिस जब शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने पहुंची तो माहौल गरमा गया। पहले कहासुनी हुई और फिर भीड़ उग्र हो गई। आरोप है कि अचानक भीड़ ने पुलिस टीम को घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया।
अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों में भगदड़ मच गई। थाना अध्यक्ष नागेंद्र सिंह के सिर में गंभीर चोट लगने से मौके पर हड़कंप मच गया। अन्य कई पुलिसकर्मी भी घायल बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया।
अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गांव में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस वीडियो फुटेज और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर उपद्रवियों की पहचान में जुटी हुई है। अब तक आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
प्रशासन ने गांव के पूर्व प्रधान और पूर्व जिला पंचायत सदस्य को भी चेतावनी दी है कि यदि हिंसा भड़काने या सरकारी कार्य में बाधा डालने में किसी की भूमिका सामने आई तो कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
घटना के बाद गांव में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है। एक सैकड़ा से अधिक पुलिसकर्मी गांव में तैनात हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि युवक की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।


