– मंत्री जयवीर सिंह के सामने दिखाई दबंगई की सीसीटीवी
– “योगी सरकार में भी सपा से जुड़े गुंडों का आतंक”, वृद्ध व्यापारी अरुण गुप्ता ने परिवार की सुरक्षा मांगी
लखनऊ/फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद की कीमती जमीनों पर कब्जे और पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जिले के वरिष्ठ एवं बयोवृद्ध व्यापारी अरुण गुप्ता ने प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह से लखनऊ में मुलाकात कर गंभीर आरोप लगाए कि मैनपुरी से आए सपा समर्थित दबंग उनकी दुकान और मकान पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
व्यापारी ने मंत्री के सामने कथित दबंगई और कब्जे की कोशिशों से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी प्रस्तुत किए। आरोप है कि स्थानीय पुलिस पूरे मामले में मूकदर्शक बनी रही और शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
अरुण गुप्ता ने कहा कि उन्होंने प्रशासन से कई बार शिकायत की, लेकिन नगर मजिस्ट्रेट स्तर पर कार्रवाई बेहद धीमी रही, जिससे दबंगों के हौसले और बढ़ गए। उन्होंने अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की। व्यापारी का आरोप है कि करोड़ों की जमीनों पर कब्जा कराने के लिए संगठित तरीके से बाहरी लोगों को इस्तेमाल किया जा रहा है।
मामला सामने आने के बाद प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने गंभीरता दिखाते हुए जिलाधिकारी को तत्काल सूचना देकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि किसी भी व्यापारी या नागरिक के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई होगी।
फर्रुखाबाद में लगातार बढ़ते भूमि विवादों और कब्जे के मामलों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में कीमती संपत्तियों पर कब्जे के लिए सक्रिय गिरोह लंबे समय से काम कर रहे हैं और राजनीतिक संरक्षण के आरोप भी लगते रहे हैं। ऐसे में पुलिस की निष्क्रियता आम लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर रही है।
भारतीय किसान यूनियन भानु भी अब इस विवाद में खुलकर सामने आ गई है। संगठन के प्रदेश महामंत्री आलोक सिंह ने कहा कि यदि पीड़ित व्यापारी को न्याय नहीं मिला तो संगठन बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने साफ कहा कि भारतीय किसान यूनियन भानु अरुण गुप्ता और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
वहीं संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहित गुप्ता ने प्रशासन से व्यापारी परिवार को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो जिले में कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े होंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर फर्रुखाबाद की कीमती जमीनों पर कब्जे का खेल कौन चला रहा है? किसके इशारे पर बाहरी दबंग सक्रिय हैं? और शिकायतों के बावजूद पुलिस आखिर अब तक मूकदर्शक क्यों बनी रही? जिले में यह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में बड़ी चर्चा का विषय बन गया है।


