– विभोर राणा समेत 6 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
लखनऊ। नशे के काले कारोबार पर शिकंजा कसते हुए एसटीएफ ने बहुचर्चित कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में बड़ा कदम उठाया है। एसटीएफ ने संगठित तस्करी सिंडिकेट चलाने के आरोप में विभोर राणा समेत 6 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच एजेंसियों के अनुसार यह गिरोह वर्ष 2019 से लगातार अवैध नेटवर्क के जरिए कोडीन युक्त कफ सिरप की सप्लाई कर रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, गिरोह मेडिकल नियमों की आड़ में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित दवाओं की खेप अलग-अलग जिलों और राज्यों तक पहुंचा रहा था। जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट ने फर्जी दस्तावेज, शेल फर्म और मेडिकल स्टोरों के नेटवर्क का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार खड़ा किया। एसटीएफ को शक है कि तस्करी से जुड़े नेटवर्क के तार कई अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कोडीन कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के रूप में तेजी से बढ़ रहा था और युवाओं को इसका सबसे बड़ा शिकार बनाया जा रहा था। यही वजह रही कि एसटीएफ ने इस मामले को संगठित अपराध की श्रेणी में लेते हुए लंबी जांच की। चार्जशीट में कई वित्तीय लेनदेन, मोबाइल चैट, परिवहन रिकॉर्ड और गोदामों से बरामद दस्तावेजों को अहम साक्ष्य बनाया गया है।
सूत्र बताते हैं कि विभोर राणा एंड कंपनी पिछले कई वर्षों से मेडिकल सप्लाई चैन में सेंध लगाकर अवैध तरीके से कोडीन आधारित सिरप की खरीद-फरोख्त कर रही थी। जांच के दौरान कई संदिग्ध बैंक खातों और संपत्तियों की भी जानकारी मिली है। अब एसटीएफ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों और वित्तीय मददगारों की तलाश में जुटी है।
कोडीन कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट पर एसटीएफ का शिकंजा


