30 C
Lucknow
Wednesday, May 6, 2026

जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन में लापरवाही पर सख्ती, निरीक्षण के दौरान गायत्री हॉस्पिटल सील

Must read

फर्रुखाबाद। जिले में जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय टीम ने आवास विकास एवं लकूला रोड स्थित विभिन्न चिकित्सालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान नियमों की अनदेखी पाए जाने पर लकूला रोड स्थित गायत्री हॉस्पिटल को सील कर दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनेंद्र कुमार के निर्देशन में गठित टीम में जिला गंगा समिति की जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक कटारिया, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर से वैज्ञानिक सहायक एस.डी. सिंह, लैब टेक्नीशियन प्रसून पाल तथा पर्यावरण सहायक गुंजा जैन शामिल रहे। टीम ने विभिन्न अस्पतालों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की गहन जांच की।
निरीक्षण के दौरान गायत्री हॉस्पिटल में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनेंद्र कुमार, डॉ. शोभा सक्सेना, डॉ. श्वेता एवं डॉ. आलोक सिंह की मौजूदगी में अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
इसके अलावा द केयर हॉस्पिटल, जेपी हॉस्पिटल, भल्ला हॉस्पिटल, डॉ. आर. सिंह हॉस्पिटल, सृष्टि गीतराज हॉस्पिटल एवं श्री साईं हॉस्पिटल में भी निरीक्षण किया गया। टीम ने सभी अस्पतालों को जैव चिकित्सा अपशिष्ट के सुरक्षित निस्तारण, नियमानुसार कूड़ेदान की व्यवस्था, स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्याप्त सफाई कर्मियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी एनओसी की भी जांच की गई और अस्पताल प्रबंधन को सभी कार्य नियमों के अनुसार संचालित करने के लिए सख्त हिदायत दी गई। टीम ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक अस्पताल को प्रतिदिन जैव चिकित्सा अपशिष्ट का उचित निस्तारण करना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही अपशिष्ट को ले जाने वाली कंपनी ‘विल वर्ल्ड’ को निर्देशित किया गया कि वह नियमित रूप से लॉग बुक भरे और प्रतिदिन की स्थिति का सही विवरण दर्ज करे। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उच्च अधिकारियों को तत्काल अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनेंद्र कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article