अनुराग तिवारी
औरैया। उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला किसी आम नागरिक का नहीं, बल्कि देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में तैनात भारतीय तट रक्षक के जवान से जुड़ा है। जवान आशीष पाण्डेय ने थाना अजीतमल पुलिस पर अभद्रता, गाली-गलौज और दबाव बनाकर बेइज्जत करने का गंभीर आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार 4 व 5 मई 2026 कि मध्य रात्रि को आशीष पाण्डेय अपने परिवार के एक भाई को इलाज के लिए लेकर गए थे। रात्रि में घर वापस लौटते समय अनंतराम टोल टैक्स पर , थाना अजीतमल, जनपद औरैया क्षेत्र में पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। आरोप है कि चेकिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और अपमानजनक व्यवहार किया।
पीड़ित जवान का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने चेकिंग के नाम पर उनका भारतीय तट रक्षक का पहचान पत्र (आई कार्ड) अपने पास ले लिया और काफी देर तक वापस नहीं किया। जब उन्होंने इसका विरोध किया और मौके पर मौजूद तीन स्टार अधिकारी से शिकायत की, तो वहां भी उन्हें सम्मान नहीं मिला, बल्कि अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि मामला इतना बढ़ गया कि पुलिसकर्मियों ने अपनी वर्दी और पुलिसिया हनक दिखाते हुए गाली-गलौज की तथा दबाव बनाकर उनसे माफी मंगवाई। घटना से आहत आशीष पाण्डेय ने कहा कि “जब देश की रक्षा में तैनात जवान को अपने ही प्रदेश में पुलिस अपमानित करेगी, तो आम जनता के साथ क्या व्यवहार होता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।”
उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि वह देश के दुश्मनों से लड़ने के लिए हर समय तैयार रहते हैं, लेकिन यदि अपने ही देश में सम्मान सुरक्षित नहीं है तो ऐसी सेवा और कुर्बानी का क्या अर्थ रह जाता है। उन्होंने यह तक कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो इस अपमान से आहत होकर वह अपनी नौकरी से त्यागपत्र देने जैसा बड़ा फैसला लेने को मजबूर हो सकते हैं।
आशीष पाण्डेय ने कहा कि छुट्टी समाप्त होने के बाद अपनी ड्यूटी पर वापस पहुंचकर वह इस पूरे मामले की शिकायत अपने यूनिट के वरिष्ठ अधिकारियों से भी करेंगे, ताकि देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के सम्मान से जुड़े इस प्रकरण को उच्च स्तर पर उठाया जा सके। पीड़ित जवान ने पूरे मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं अन्य उच्च अधिकारियों से करने की बात कही है।
घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि देश की सुरक्षा में लगे जवानों के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम नागरिकों की स्थिति क्या होगी, यह सोचने वाली बात है।


