चेन्नई। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार गठन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। टीवीके प्रमुख थलापति विजय ने सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से समर्थन मांगा है, जिसके बाद राज्य की सियासत में नए समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार अपनी तमिलनाडु प्रदेश इकाई को दे दिया है, जिसकी बैठक बुधवार सुबह प्रस्तावित है।
मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि विजय ने औपचारिक रूप से कांग्रेस से समर्थन का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी का मानना है कि तमिलनाडु की जनता ने धर्मनिरपेक्ष सरकार के पक्ष में जनादेश दिया है और कांग्रेस किसी भी स्थिति में भाजपा या उसके सहयोगियों को सत्ता में आने से रोकना चाहती है।
कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों, जनभावनाओं और चुनावी जनादेश को ध्यान में रखते हुए अंतिम फैसला तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा लिया जाएगा। इस बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि विजय ने अपने राजनीतिक आदर्श के रूप में के. कामराज से प्रेरणा लेने की बात कही है।
गौरतलब है कि 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में विजय की पार्टी टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं, जो बहुमत के आंकड़े से 10 सीट कम है। ऐसे में सरकार बनाने के लिए उन्हें अन्य दलों के समर्थन की आवश्यकता है। कांग्रेस के पास 5 सीटें हैं, जबकि पीएमके के पास 4 और वाम दलों—सीपीआई व सीपीआई(एम)—के पास 2-2 विधायक हैं। अब सबकी नजर कांग्रेस के फैसले पर टिकी है, जो राज्य की सत्ता की दिशा तय करेगा।


