फर्रुखाबाद
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जनपद में शिक्षामित्रों के सम्मान एवं उनके बढ़े हुए मानदेय वितरण के शुभारंभ के लिए एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षामित्रों के समर्पण, उनके योगदान और प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मानित करना तथा प्रदेश सरकार द्वारा उनके कल्याण के लिए उठाए गए कदमों को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में सांसद मुकेश राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव, अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य, जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और शिक्षामित्रों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस दौरान गोरखपुर से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया, जिसमें शिक्षामित्रों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं और सरकार की प्रतिबद्धता की जानकारी दी गई। उपस्थित शिक्षामित्रों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के विचारों का स्वागत किया।अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षामित्र प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव हैं, जिनके अथक प्रयासों से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार संभव हो सका है। प्रदेश सरकार उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में बताया गया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत शिक्षामित्रों के मानदेय में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। पहले ₹3,500 से बढ़ाकर ₹10,000 किए गए मानदेय को अब बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। इस निर्णय से जनपद के 1,515 शिक्षामित्रों को सीधा लाभ मिलेगा। मानदेय वृद्धि के चलते कुल व्यय ₹1,55,50,000 से बढ़कर ₹2,72,70,000 हो गया है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद जताई गई।
इसके अलावा शिक्षामित्रों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देने के साथ नई स्थानांतरण नीति के तहत राहत प्रदान की गई है। महिला शिक्षामित्रों के लिए 360 दिन के मातृत्व अवकाश की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है।
कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक विकास खंड से तीन-तीन शिक्षामित्रों सहित कुल 24 शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक रूप से चेक वितरित कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर शिक्षामित्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार के प्रति आभार जताया और इसे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला निर्णय बताया।
समापन पर अधिकारियों ने कहा कि “परिवर्तन की बहती बयार, 9 वर्ष योगी सरकार” के संकल्प के साथ प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार और विकास कार्य किए जा रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ी को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।


