बंगाल से केरल तक असर,ममता धराशाई शुभेंदु अधिकारी जीते

तमिल में आगे आई हीरोपंती, विजय ने फहराई विजय पताका

यूथ इंडिया समाचार
नई दिल्ली/कोलकाता/ गुवाहाटी/चेन्नई/ तिरुवनंतपुरम। विभिन्न राज्यों के चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए कई जगहों पर महत्वपूर्ण बढ़त और जीत हासिल की है। इन नतीजों ने देश की राजनीति में नए समीकरण बना दिए हैं। नहीं भाजपा के चाणक्य साबित हुए अमित शाह की रणनीति हर जगह काम आई पश्चिम बंगाल में तो इतिहास ही बन गया जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुरी तरह हर का शिकार हुईं।
पश्चिम बंगाल में बड़ा उलटफेर
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए लगभग 160 से अधिक सीटों पर जीत/बढ़त दर्ज की, जबकि ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस करीब 110 सीटों तक सिमटती नजर आई। उन्हें खुद 15000 वोटो से हार का मुंह देखना पड़ा।
असम में स्पष्ट बहुमत
असम में भाजपा ने अपनी स्थिति मजबूत रखते हुए 85 से अधिक सीटों पर जीत हासिल कर बहुमत प्राप्त किया और सरकार बनाने की स्थिति में रही।
पुडुचेरी में गठबंधन की सफलता
पुडुचेरी में भाजपा गठबंधन ने 20 में से 14 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर सत्ता पर कब्जा जमाया।
केरल में नई एंट्री
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में भाजपा ने तीनों विधानसभा सीटों पर जीत हासिल कर राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
तमिलनाडु में बड़ा घटनाक्रम
तमिलनाडु में भले ही भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, लेकिन राजनीतिक रूप से बड़ा संदेश तब सामने आया जब मुख्यमंत्री एम . के . स्टालीन को कोलाथुर सीट से हार का सामना करना पड़ा। टीवीके के वी . एस . बाबू ने 64,714 वोट पाकर 57,170 वोट पाने वाले स्टालिन को 7,544 वोटों से पराजित किया।
इन परिणामों में यह स्पष्ट दिखा कि कई राज्यों में मतदाताओं ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया। शीर्ष नेतृत्व को भी हार का सामना करना पड़ा, जिससे राजनीतिक दलों के लिए यह संदेश गया है कि जमीनी पकड़ और जनसमर्थन सबसे महत्वपूर्ण है।
विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनाव परिणामों का असर आने वाले राष्ट्रीय चुनावों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि भाजपा ने कई क्षेत्रों में अपनी स्थिति पहले से अधिक मजबूत की है।

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