औरैया
सोमवार को अचानक बदले मौसम ने एक हृदयविदारक हादसे को जन्म दे दिया। सुबह करीब छह बजे के बाद तेज हवाओं और आंधी का दौर शुरू हुआ, जिसने देखते ही देखते जनजीवन को प्रभावित कर दिया। ऐरवाकटरा थाना क्षेत्र के भटपुरा ऐरवा कुईली गांव में इसी दौरान एक नवनिर्मित दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय गांव निवासी दादी कमलेश और उनकी नातिन अनुष्का दीवार के पास सीमेंट से तैयार मसाला इकट्ठा कर रही थीं। तभी तेज हवा के दबाव से कमजोर दीवार अचानक गिर पड़ी और दोनों उसकी चपेट में आ गईं।
दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और मलबे में दबे दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक वे गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं। आनन-फानन में परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऐरवाकटरा पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के लिए रेफर कर दिया। सैफई में इलाज के दौरान दोपहर करीब तीन बजे दोनों ने दम तोड़ दिया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दीवार हाल ही में बनाई गई थी, जिसकी गुणवत्ता और मजबूती पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया, जिसके चलते तेज हवाओं के दबाव को दीवार सहन नहीं कर सकी और यह बड़ा हादसा हो गया।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस हादसे से गहरे सदमे में हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की सख्ती से जांच कराई जाए और जर्जर व कमजोर दीवारों को चिन्हित कर समय रहते उन्हें दुरुस्त कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की भी मांग उठ रही है।


