कौशांबी
डॉ. अमित पाल ने सोमवार को उदयन सभागार में जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने व्यक्तिगत शौचालयों की रेट्रोफिटिंग और आरआरसी (रिडक्शन, रिकवरी, रियूज) केंद्रों के संचालन की प्रगति का जायजा लिया। अपेक्षित प्रगति न मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
बैठक में जिलाधिकारी ने शौचालय रेट्रोफिटिंग के लिए चल रहे सर्वे कार्य पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने विनोद राम त्रिपाठी सहित जिला पंचायतराज अधिकारी को निर्देशित किया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्य को शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
आरआरसी केंद्रों की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को निर्देश दिया कि इन केंद्रों का संचालन व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए, जिससे कचरा प्रबंधन और पुनर्चक्रण के उद्देश्यों को सही तरीके से पूरा किया जा सके।
बैठक में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की प्रगति भी साझा की गई। बताया गया कि ग्राम पुरखास और टेंवा में स्थापित प्लास्टिक यूनिट में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक एकत्र कर उसकी धुलाई और छंटाई का कार्य किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के समन्वय से प्लास्टिक के निस्तारण और बिक्री की प्रक्रिया जारी है, जिससे राजस्व भी उत्पन्न हो रहा है।
इसके अलावा गोबरधन योजना के तहत ग्राम बिदांव में स्थापित बायोगैस प्लांट की प्रगति की जानकारी दी गई, जहां उत्पादित गैस का उपयोग स्थानीय संस्थानों में बिजली आपूर्ति के लिए किया जा रहा है। साथ ही जनपद में 10 नए सामुदायिक शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिस पर डीएम ने उपयुक्त स्थान चिन्हित कर जल्द कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।


