कानपुर। कानून व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाली पुलिस पर ही गंभीर आरोपों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। कानपुर के नौबस्ता थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर अंकित खटाना पर पीड़ित को बर्बर तरीके से पीटने का आरोप लगा है। मामला अब अदालत तक पहुंच चुका है, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर अंकित खटाना ने खुद को इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बताकर उन्हें थाने बुलाया और वहां बेरहमी से पिटाई की। आरोप है कि बिना किसी ठोस आधार के दबाव बनाने के लिए मारपीट की गई। इस घटना के बाद पीड़ित ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर कार्रवाई की मांग की है।
सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित के शरीर पर चोट के निशान होने का भी दावा किया गया है, जो मामले को और गंभीर बना रहा है। अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न सिर्फ पुलिसिया कार्यशैली पर सवाल है बल्कि मानवाधिकार उल्लंघन का भी बड़ा मामला बन सकता है।
फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन मामला कोर्ट में पहुंचने के बाद जांच की आंच तेज होना तय माना जा रहा है। सवाल यह है कि क्या इस बार खाकी पर लगे दाग की निष्पक्ष जांच होगी या फिर मामला दबा दिया जाएगा?
कानपुर में खाकी पर दाग: सब-इंस्पेक्टर पर हिरासत में पिटाई का आरोप, कोर्ट पहुंचा मामला


