भारतीय कुश्ती जगत में एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है, जहां गोंडा में 10 से 12 मई तक होने वाले राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट को लेकर सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे हैं। दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट ने आयोजन स्थल और प्रतियोगिता की निष्पक्षता को लेकर चिंता जताते हुए माहौल पर संदेह व्यक्त किया है, जिससे खेल प्रशासन में हलचल तेज हो गई है।
विनेश फोगाट ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि यदि प्रतियोगिता के दौरान उनके या किसी खिलाड़ी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने आशंका जताई कि आयोजन स्थल पर पूर्व कुश्ती महासंघ प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह का प्रभाव हो सकता है, जिससे निर्णय प्रक्रिया प्रभावित होने की संभावना है।
दूसरी ओर, भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह ने विनेश की सुरक्षा की व्यक्तिगत गारंटी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टूर्नामेंट तय कार्यक्रम के अनुसार ही गोंडा में होगा और इसे कहीं और स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी मुकाबले यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) द्वारा मान्यता प्राप्त रेफरी की निगरानी में होंगे और पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड भी की जाएगी।
डब्ल्यूएफआई की ओर से यह भी कहा गया है कि लगभग 1400 पहलवानों के शामिल होने वाले इस बड़े आयोजन का स्थान बदलना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, क्योंकि इससे खिलाड़ियों की यात्रा, आवास और व्यवस्थाओं पर गंभीर असर पड़ेगा। महासंघ ने जोर देकर कहा कि आयोजन पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगा।
विनेश फोगाट ने यह भी कहा कि वह 57 किलोग्राम भार वर्ग में लंबे अंतराल के बाद वापसी कर रही हैं और उनका लक्ष्य देश के लिए पदक जीतना है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में मानसिक दबाव काफी अधिक है। उन्होंने खेल मंत्रालय और सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि खिलाड़ियों की सुरक्षा और निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
यह पूरा विवाद केवल एक खेल आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें प्रशासनिक पारदर्शिता, खेल संघ की कार्यप्रणाली और खिलाड़ियों की सुरक्षा जैसे गंभीर सवाल भी जुड़ गए हैं। अब सभी की नजर 10 मई से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट पर टिकी है, जो आने वाले दिनों में भारतीय कुश्ती के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।


