कासगंज
जनपद के सहावर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव याकूतगंज में एक जन्मदिन समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। शुक्रवार देर रात आयोजित पार्टी में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने तमंचे से फायरिंग कर दी और गोली सीधे एक मासूम बालक को जा लगी। गंभीर रूप से घायल बच्चे को उपचार के लिए तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव याकूतगंज निवासी जसवीर गोला के पुत्र के जन्मदिन के अवसर पर घर में दावत का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। रात करीब नौ बजे समारोह के दौरान थाना सोरों क्षेत्र के नगला बीच मीरापुर गांव निवासी धनेश यादव पुत्र रामभरोसेलाल यादव भी वहां मौजूद था। इसी दौरान उसने अवैध तमंचे से हर्ष फायरिंग कर दी। फायरिंग के दौरान निकली गोली गांव के ही निवासी सुखवीर के 9 वर्षीय पुत्र यश को जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के तुरंत बाद परिजन और ग्रामीण घायल बालक को लेकर सहावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान शनिवार सुबह यश ने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। यश अपने परिवार में चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था और गांव के किसान मोंटेसरी पब्लिक स्कूल में कक्षा दो का छात्र था।
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज कर लिया और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित कीं। पुलिस ने शनिवार सुबह खितौली नहर के पास से आरोपी धनेश यादव को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
क्षेत्राधिकारी सहावर शाहिदा नसरीन ने बताया कि जन्मदिन समारोह में हुई लापरवाही और अवैध हथियार के प्रयोग ने एक मासूम की जान ले ली। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर हर्ष फायरिंग जैसी खतरनाक प्रवृत्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो अक्सर खुशियों के माहौल को मातम में बदल देती है। प्रशासन और समाज दोनों के लिए यह घटना एक चेतावनी है कि ऐसे गैरकानूनी कृत्यों पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि किसी और परिवार को इस तरह का दुख न झेलना पड़े।


